सांस फूलने की बीमारी का घरेलू उपाय

सांस फूलने की कई सारी वजह हो सकती है। सांस फूलना एक गंभीर बीमारी के रूप में जाना जाता है। सांस फुलने की बीमारी बहुत घातक मानी जाती है।अस्थमा के कारण भी सांस फुलने की समस्या होती है जो कि बहुत खतरनाक होता है। और इसका इलाज सही समय पर होना अति आवश्यक है। कभी-कभी प्रदूषण के बढ़ते स्तर के कारण भी सांस लेने में तकलीफ होती है। सांस की तकलीफ को चिकित्सा के क्षेत्र में डिस्पिनिया कहां जाता है। यह स्थिति घातक होने के साथ-साथ कष्टदायक भी होती है। सांस फुलने के कई सारे लक्षण होते हैं जैसे कि खांसी, छाती में दर्द, पसीना आना, पैर में सूजन होना तथा लंबी दूरी चलने में कठिनाई इसके अलावा भी सांस फुलने के कई कारण हो सकते हैं। अत्यधिक परिश्रम, धूम्रपान का अत्यधिक सेवन तथा अधिक तापमान के कारण और ज्यादा वजन होना भी सांस फुलने का कारण होता है।

सांस फूलने की बीमारी से बचने के घरेलू उपाय :-

तुलसी का सेवन : तुलसी के रस को शहद में मिलाकर चाटने से अस्थमा के रोगियों तथा सांस फुलने वाले रोगियों को लाभ होता है।

अदरक का सेवन : अदरक में औषधीय गुण होने के कारण यह अस्थमा तथा सांस फूलने की बीमारियों के लिए अत्यधिक लाभकारी होता है।

कॉफी का सेवन : कॉफी सुनने में थोड़ा अटपटा होगा, पर कॉफी के सेवन से वायु नली में रुकी हुई हवा पास होती है और सांस फुलने तथा अस्थमा के अटैक में राहत मिलती है।

चुकंदर का सेवन : सांस फूलने की समस्या अगर आप में एनीमिया के वजह से है तो आप चुकंदर का सेवन करें। चुकंदर में उपस्थित फाइबर, कैल्शियम, पोटेशियम और विटामिन होते हैं, जो सांस फूलने की समस्या को रोकते हैं।

लहसुन : लहसुन के फायदे से कोई अनजान नहीं है। लहसुन खाने से सांस फूलने की बीमारी ही नहीं, अपितु वायु मार्ग में उपस्थित सूजन को भी कम करता है तथा फेफड़ों की समस्या दूर करने में मदद करता है।

शहद का सेवन : शहद सांस फूलने की बीमारी का सबसे बेहतर घरेलू उपचारों में से एक है। शहद को पानी के साथ मिलाकर पीने से भी आराम मिलता है। शहद बलगम को खत्म करता है, जिससे सांस लेने की समस्या से छुटकारा मिलता है।

सौंफ  : सौंफ में उपस्थिति एक्सपेक्टरेंट के गुण बलगम को निकालकर सांस फूलने से जुड़ी समस्या का इलाज करते हैं। एक चम्मच सौंफ को गर्म पानी में डालकर 10 मिनट बाद दो से तीन बार छान कर पिएं, इससे काफी आराम मिलता है।

ये भी पढ़े :-

इन आसान उपायों को अपना करके हम लोग सांस फूलने जैसी विकट बीमारी से भी छुटकारा पा सकते हैं। सांस फूलने की बीमारी उम्र के साथ लोगों में बहुत ही ज्यादा देखने को मिलता है।

इससे जुड़े किसी भी तरह के सवाल अथवा सुझावों को आप कमेंट करके हमसे साझा कर सकते हैं। gyanlelo.com से जुड़े रहने के लिए धन्यवाद!

Pooja Singh

Pooja Singh is senior author of gyanlelo.com She is interested in cooking and traveling. She loves to help peoples. She is Medical Lab Technologist by Education.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

error: Content is protected !!